ज़मीनी सरोकारों के साथ विकास की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं ओपी गुप्ता
कुशीनगर
कुशीनगर लोकसभा क्षेत्र में विकास को लेकर जहां अब तक असमानता और दिखावे की राजनीति हावी रही है, वहीं ओपी गुप्ता एक अलग और ज़मीनी सोच के साथ क्षेत्र में पहचान बना रहे हैं। उनका लक्ष्य केवल चुनिंदा इलाकों तक सीमित विकास नहीं, बल्कि किसानों, व्यापारियों, मजदूरों और आम नागरिकों तक समान रूप से खुशहाली पहुँचाना है।
ओपी गुप्ता को आपातकालीन परिस्थितियों का संवेदनशील चिंतक माना जाता है। अग्निकांड, दुर्घटना या किसी भी अनहोनी की सूचना मिलते ही वे औपचारिकताओं से ऊपर उठकर सबसे पहले मौके पर पहुँचने का प्रयास करते हैं। पीड़ितों को तात्कालिक सहायता दिलाना और प्रशासन से समन्वय कर राहत कार्य तेज कराना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
कुशीनगर का समग्र विकास आज भी एक जटिल पहेली बना हुआ है। ऐसे में केवल कुछ क्षेत्रों का विकास कर उसकी तस्वीरें प्रचारित करना ओपी गुप्ता की कार्यसंस्कृति नहीं रही। वे मानते हैं कि वास्तविक विकास वही है, जो हर गांव, हर टोले और हर वर्ग तक पहुँचे।
शिक्षा को परिवर्तन का आधार मानते हैं ओपी गुप्ता।
उनका स्पष्ट संकल्प है—शिक्षा जगत का चिराग जलाना और आने वाली पीढ़ी को मजबूत आधार देना। सकारात्मक शैक्षणिक माहौल, योग्य शिक्षकों की भूमिका और संसाधनों की उपलब्धता को वे क्षेत्र के भविष्य से जोड़कर देखते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओपी गुप्ता की सोच दिखावे से दूर, सेवा और संवेदनशीलता पर आधारित है। यही कारण है कि वे धीरे-धीरे कुशीनगर में भरोसे का नाम बनते जा रहे हैं।