संपूर्णानंद गांधी की चेतावनी बनी कारगर, कुशीनगर बुद्ध नगरी के मुख्य द्वार से आपत्तिजनक बैनर हटाया गया
डाक्टर संपूर्णानंद गांधी
कुशीनगर।
विश्व शांति और अहिंसा के प्रतीक भगवान गौतम बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर बुद्ध नगरी के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाए गए आपत्तिजनक बैनर को आखिरकार प्रशासन को हटाना पड़ा। यह कार्रवाई पूर्वांचल गांधी के नाम से विख्यात डॉ. संपूर्णानंद गांधी की कड़ी आपत्ति और हस्तक्षेप के बाद संभव हो सकी।
बताया जा रहा है कि मुख्य गेट पर लगाए गए उक्त बैनर को लेकर न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि बुद्ध के अनुयायियों में भी गहरा रोष था। जैसे ही डॉ. संपूर्णानंद गांधी को यह सूचना मिली कि शांति की धरती पर “हिंदू राष्ट्र भारत है” जैसे संदेश वाला बैनर लगाया गया है, उन्होंने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल कमिश्नर, डीआईजी गोरखपुर, जिलाधिकारी कुशीनगर, पुलिस अधीक्षक कुशीनगर एवं उपजिलाधिकारी कुशीनगर को दूरभाष पर अवगत कराया।
डॉ. गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कुशीनगर बुद्ध की नगरी है, जहां किसी भी प्रकार का नफरती या धार्मिक उकसावे वाला फ्लेक्स-बैनर लगाना अपराध की श्रेणी में आता है। यह स्थल पूरी दुनिया के लिए शांति, करुणा और समरसता का संदेश देता है, न कि धार्मिक विभाजन का।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नववर्ष के शुभ अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान गौतम बुद्ध के दर्शन के लिए कुशीनगर पहुंचे हैं। ऐसे में इस प्रकार का बैनर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
डॉ. संपूर्णानंद गांधी की सख्त चेतावनी और प्रशासनिक संवाद का असर तत्काल देखने को मिला और प्रशासन ने मुख्य द्वार से उक्त आपत्तिजनक बैनर को हटवा दिया। इस कार्रवाई से बुद्ध अनुयायियों सहित शांति प्रिय नागरिकों ने राहत की सांस ली और प्रशासन के निर्णय का स्वागत किया।
रिपोर्ट : के.एन. साहनी
ओम पत्रिका, उत्तर प्रदेश