भोजन वितरण करते हुए मनीष कुमार गुप्ता
भोजन का लुप्त उठाते लोग
अपने साथियों के साथ निगरानी करते मनीष गुप्ता
अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर, भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर नववर्ष के अवसर पर सेवा और मानवता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। देश-विदेश से नववर्ष मनाने पहुंचे हजारों पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे सैलानियों में विशेष प्रसन्नता देखने को मिली।
इस पुनीत सेवा कार्य का आयोजन समाजसेवी मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध की शिक्षाओं—करुणा, सेवा और मानव कल्याण—से प्रेरित होकर यह व्यवस्था की गई। मनीष कुमार गुप्ता ने इस पहल को “सच्ची सेवा” बताते हुए कहा कि जरूरतमंदों और यात्रियों की सेवा ही नववर्ष की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
निःशुल्क भोजन पाकर देश-विदेश से आए पर्यटकों ने आयोजनकर्ताओं की सराहना की और कहा कि कुशीनगर की यह परंपरा भगवान बुद्ध के संदेशों को जीवंत करती है। स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने भी पूरे उत्साह के साथ इस सेवा कार्य में सहयोग किया।
नववर्ष के पावन अवसर पर कुशीनगर में की गई यह पहल न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा भाव का भी सशक्त संदेश देती है।